बाड़मेर (राजस्थान):- बाड़मेर में हुई दिशा की बैठक में मंगलवार को भारी हंगामा देखने को मिला। बैठक में उपस्थित बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी और सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के बीच विवाद पैदा हो गया। वहीं शिव विधायक रविंद्र भाटी भी इस विवाद में शामिल दिखाई दिए। बैठक का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया और अधिकारियों और प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस ने वहां मौजूद अन्य लोगों को भी सकते में डाल दिया।
सूत्रों के अनुसार विवाद की शुरुआत प्रशासन की ओर से बैठक में प्रस्तुत किए गए कुछ निर्णयों और योजनाओं को लेकर हुई। सांसद और विधायक ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों और सुझावों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस कारण उन्होंने कलेक्टर पर आक्रोश जताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रशासन को मामले को काबू में करने के लिए तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करना पड़ा।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल न होने पर सार्वजनिक बैठकों में तनाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के विवाद केवल बैठक की कार्यवाही को प्रभावित नहीं करते बल्कि जनता और अधिकारी वर्ग के बीच विश्वास को भी कमजोर करते हैं।
बैठक में हंगामा के बाद जिला प्रशासन ने मामले की समीक्षा शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सुझावों और शिकायतों को कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही सुना जाएगा।
यह घटना स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों के महत्व को भी उजागर करती है। इसके अलावा यह संदेश देती है कि किसी भी बैठक में व्यवधान पैदा करना और सार्वजनिक हंगामा करना समस्याओं का समाधान नहीं है। भविष्य में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।