लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- लखनऊ में मुख्यालय के निकट स्थित दो डीआरएम कार्यालयों के आसपास प्रतिदिन यात्रियों से अतिरिक्त धन वसूलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यह क्षेत्र रेलवे प्रशासन की निगरानी में होने के कारण सुरक्षित माना जाता है परंतु यहां यात्रियों का शोषण लगातार बढ़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि निर्धारित किराये से अधिक राशि की मांग आम बात बन चुकी है और विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता तथा मारपीट की घटनाएं भी घट रही हैं।
यह स्थिति न केवल रेलवे की छवि को धूमिल कर रही है बल्कि यात्रियों के मन में भय का वातावरण भी बनाए हुए है। प्रतिदिन हजारों लोग राजधानी लखनऊ के इन क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। किसी को भी उम्मीद नहीं होती कि मुख्यालय के करीब ही ऐसी अवैध गतिविधियां निर्भीकता के साथ चलेंगी। यात्रियों ने बताया कि कई बार शिकायत किए जाने पर भी स्थिति में कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता। कुछ मामलों में तो शिकायतकर्ता को ही धमकियां मिलने की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए रेलवे प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि अधिकारी समय समय पर निरीक्षण करते रहें तो अवैध वसूली करने वालों का मनोबल स्वतः टूट जाएगा। साथ ही शिकायत प्रणाली को भी मजबूत करना होगा ताकि पीड़ित यात्री बिना डर के अपनी बात रख सकें।
यात्रियों का यह भी कहना है कि व्यवस्था में सुधार तभी संभव है जब संबंधित विभाग त्वरित कार्रवाई करे और दोषियों को सख्त सजा मिले। लापरवाही और ढिलाई की वजह से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। यदि समय रहते इन पर लगाम न लगाई गई तो यात्रियों का भरोसा टूट सकता है और प्रशासन पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं।