नई दिल्ली :- भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बार फिर उत्साहजनक संकेत सामने आए हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2024 25 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि पहले की तुलना में अधिक मजबूती दिखा सकती है। यह अनुमान ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर मंदी का दबाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है।
विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू मांग में निरंतर सुधार निवेश गतिविधियों का तेजी पकड़ना और सेवाक्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन जीडीपी ग्रोथ को ऊपर ले जा रहा है। विशेष रूप से त्योहारी सीजन में उपभोग में आई तेज बढ़ोतरी का प्रत्यक्ष लाभ अर्थव्यवस्था को मिल सकता है। विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में बढ़ते ऑर्डर तथा सरकारी पूंजीगत व्यय में निरंतर बढ़ोतरी भी विकास दर को सहारा दे रही है।
इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत और महंगाई पर नियंत्रण ने बाजार भावना को और मजबूत किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि मौसमी कारक सामान्य बने रहते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में कोई बड़ा व्यवधान नहीं आता तो आने वाली तिमाहियों में यह तेजी और अधिक स्थिर हो सकती है।
कुल मिलाकर दूसरी तिमाही के लिए अनुमानित मजबूत जीडीपी आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी आंतरिक मजबूती के दम पर वैश्विक चुनौतियों के बीच भी गति बनाए रखने में सक्षम है। यह रुझान निवेशकों के विश्वास को और बढ़ाने के साथ आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे सकता है।