कर्नाटक (बेंगलुरु):- कर्नाटक की राजनीति में चल रहे तनाव और अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग ने माहौल को नई दिशा दी है। दोनों शीर्ष नेताओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनके बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा थी कि सत्ता संतुलन को लेकर दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव बढ़ रहा है। इस मुलाकात के बाद बेंगलुरु में हुई संयुक्त प्रेस वार्ता ने इन अटकलों को काफी हद तक शांत कर दिया।
ब्रेकफास्ट मीटिंग को केवल एक साधारण मुलाकात बताना संभव नहीं है। इस बैठक ने राज्य सरकार के भीतर समन्वय और स्थिरता का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है और नेतृत्व के भीतर कोई तनाव नहीं है। वहीं उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने भी कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर काम कर रही है और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का कोई आधार नहीं है।
कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी इस मुलाकात से उत्साहित हैं। उनका मानना है कि इससे संगठन को मजबूती मिलेगी और भविष्य में सरकार के कार्यों को लेकर जनता का भरोसा और बढ़ेगा। पार्टी की उच्च नेतृत्व ने भी इस सामंजस्य को सकारात्मक बताया है और कहा है कि सरकार का मुख्य लक्ष्य विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कई मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश में लगा है। इसलिए यह कदम सरकार के भीतर एकता दिखाने और जनमानस में सकारात्मक संदेश देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यह मुलाकात न केवल कर्नाटक की राजनीति में स्थिरता का संकेत है बल्कि यह भी दर्शाती है कि नेतृत्व सहयोग और संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना चाहता है।