Corruption cases : भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच नेतन्याहू ने माँगा क्षमादान, इज़राइल की राजनीति में आया भूचाल

Corruption cases यरुशलम: इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के लंबे मुकदमों को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से औपचारिक रूप से क्षमादान (पार्डन) का अनुरोध किया है। यह कदम इज़राइली राजनीति में एक बड़ा मोड़ लेकर आया है क्योंकि नेतन्याहू देश के इतिहास में पहले ऐसे पदस्थ प्रधानमंत्री हैं जिन पर मुकदमा चल रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को एक बयान में इस बात की पुष्टि की कि नेतन्याहू ने राष्ट्रपति कार्यालय के कानूनी विभाग को क्षमादान का अनुरोध प्रस्तुत किया है। इस अनुरोध में उनके वकील का एक विस्तृत पत्र और स्वयं नेतन्याहू द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र शामिल है। राष्ट्रपति हर्ज़ोग के कार्यालय ने इसे ‘असाधारण अनुरोध’ बताते हुए कहा है कि इसके ‘गंभीर निहितार्थ’ हैं और सभी संबंधित कानूनी राय लेने के बाद इस पर ‘जिम्मेदारी और ईमानदारी से विचार’ किया जाएगा।

नेतन्याहू पर 2019 में धोखाधड़ी विश्वासघात और रिश्वत लेने के तीन अलग-अलग मामलों में आरोप लगाए गए थे। इन मामलों में उन पर धनी समर्थकों से तोहफे और राजनीतिक लाभ के बदले में अनुचित लाभ पहुँचाने का आरोप है। हालांकि उन्हें अभी तक किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है। नेतन्याहू इन सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं और इन मुकदमों को मीडिया, पुलिस और न्यायपालिका द्वारा रची गई ‘राजनीति से प्रेरित साज़िश’ बताते हैं। नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा कि यह मुकदमा देश को ‘अंदर से फाड़ रहा है’ और इस दरार को और गहरा कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि क्षमादान से ‘राष्ट्रीय एकता’ बहाल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में तीन बार अदालत में पेश होने की आवश्यकता उन्हें देश का प्रभावी ढंग से नेतृत्व करने में मुश्किल पैदा कर रही है।

उनके इस अनुरोध ने इज़राइली समाज में विभाजन को और गहरा कर दिया है। जहां नेतन्याहू के समर्थक इसे देश की भलाई के लिए एक आवश्यक कदम बता रहे हैं वहीं उनके विरोधी तुरंत इसकी निंदा कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि दोष स्वीकार किए बिना या पश्चात्ताप दिखाए बिना क्षमादान देने से यह ‘खतरनाक संदेश’ जाएगा कि कोई भी व्यक्ति कानून के शासन से ऊपर हो सकता है, जिससे इज़राइल के लोकतांत्रिक संस्थान कमजोर होंगे। यह अनुरोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हर्ज़ोग से नेतन्याहू को क्षमा करने का आग्रह करने के कुछ सप्ताह बाद आया है नेतन्याहू का मुकदमा कई वर्षों से चल रहा है और क्षमादान की उनकी मांग ने इस कानूनी और राजनीतिक लड़ाई को एक नया आयाम दे दिया है। अब सभी की निगाहें राष्ट्रपति हर्ज़ोग के फैसले पर टिकी हैं जिसका इज़राइल की राजनीति पर दूरगामी असर पड़ने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *