नई दिल्ली :- साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर रुख के साथ शुरुआत की और निवेशकों की उम्मीदों पर दबाव देखने को मिला। सुबह के सत्र में निफ्टी 87 अंक की गिरावट के साथ 26088 अंकों पर खुला जबकि सेंसेक्स 316 अंक लुढ़ककर 85325 के स्तर पर ओपन हुआ। बाजार में इस नरमी के पीछे वैश्विक संकेतों की कमजोरी और घरेलू मोर्चे पर बढ़ती अनिश्चितताओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है क्योंकि विदेशी बाजारों में उतार चढ़ाव जारी है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपया कमजोर होने से भी घरेलू सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है। बाजार खुलते ही बैंकिंग आईटी मेटल और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयर दबाव में आ गए जिससे प्रमुख सूचकांकों पर नकारात्मक असर दिखा।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है लेकिन निवेशकों को इस समय समझदारी के साथ हिस्सेदारी बढ़ानी चाहिए। वे मानते हैं कि मजबूत आधार वाली कंपनियों में निवेश करना बेहतर रणनीति साबित हो सकती है क्योंकि यह उतार चढ़ाव बाजार के स्वाभाविक चक्र का हिस्सा है। कई बड़े निवेशक फिलहाल इंतजार और नजर रखने की रणनीति अपनाए हुए हैं ताकि सही अवसर मिलने पर वे बेहतर स्तर पर खरीदारी कर सकें।
बाजार खुलने के कुछ मिनटों बाद मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी कमजोरी दिखी हालांकि चुनिंदा क्षेत्रों जैसे फार्मा एफएमसीजी और ऊर्जा में हल्की मजबूती नजर आई। विशेषज्ञों का मानना है कि दिन भर के कारोबार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है और निफ्टी तथा सेंसेक्स दोनों ही अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं।
कुल मिलाकर बाजार की शुरुआती चाल ने संकेत दे दिया है कि निवेशकों को सतर्क रहकर ही ट्रेड करना चाहिए और किसी भी तरह की जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए क्योंकि साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन उतार चढ़ाव सामान्य रहता है।