नई दिल्ली :- देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों फर्जी कॉल और मोबाइल फ्रॉड के बीच केंद्र सरकार ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी मोबाइल कंपनियों को निर्देश दिया है कि अब भारत में बिकने वाले हर नए स्मार्टफोन में साइबर सेफ्टी ऐप पहले से इंस्टॉल होना अनिवार्य होगा। यह कदम उपयोगकर्ताओं को डिजिटल ठगी से बचाने और ऑनलाइन सुरक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
इस नए नियम का उद्देश्य आम नागरिकों को ऐसे खतरों से बचाना है जो हाल के वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। साइबर अपराधी फर्जी नंबरों से कॉल कर बैंक खाते हैक करने की कोशिश करते हैं या लिंक भेजकर मोबाइल में घातक सॉफ्टवेयर डाल देते हैं। सरकार का नया साइबर सेफ्टी ऐप ऐसे जोखिमों की पहचान करेगा और उपयोगकर्ता को तुरंत चेतावनी देगा। इससे मोबाइल उपयोगकर्ताओं को समय रहते सतर्क होने का मौका मिलेगा और कई बड़ी वित्तीय हानि से बचा जा सकेगा।
मोबाइल कंपनियों के लिए भी यह नियम बेहद महत्व रखता है क्योंकि अब उन्हें हर मॉडल में इस ऐप का स्थायी एकीकरण करना होगा। इसके साथ ही फोन की सेटिंग में बदलाव होने पर भी यह ऐप हमेशा सक्रिय रहेगा ताकि कोई अनचाही गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत साइबर सुरक्षा के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।
इस ऐप का उपयोग करना आसान होगा और यह बैकग्राउंड में काम करते हुए संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करेगा। यदि कोई फर्जी कॉल मैसेज या ऐप फोन में प्रवेश करने की कोशिश करेगा तो उसका पता तुरंत चल जाएगा। भविष्य में सरकार इस ऐप को लगातार अपडेट करती रहेगी ताकि बदलते साइबर खतरों से मुकाबला किया जा सके।
सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि देश के हर नागरिक को सुरक्षित डिजिटल वातावरण दिया जाए और लोग आत्मविश्वास के साथ मोबाइल तकनीक का उपयोग कर सकें। यह नियम आने वाले समय में साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।