नई दिल्ली :- नशीले कफ सिरप की बिक्री करने वाले कारोबारियों का दुबई से रिश्ता नया नहीं है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क कई सालों से सक्रिय है और नशीली दवा के कारोबार में मोटा मुनाफा होने के कारण यह काफी आकर्षक माना जाता है। कारोबारियों के लिए यह असलियत है कि जब भी अधिकारियों की कार्रवाई की आशंका बढ़ती है, वे तुरंत दुबई या अन्य अंतरराष्ट्रीय ठिकानों का रुख कर लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशीली दवाओं के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में स्मगलिंग चैनल और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल आम बात है। दुबई जैसे शहरों को वित्तीय और लॉजिस्टिक सुविधाओं के कारण इस अवैध कारोबार के लिए प्रमुख हब माना जाता है। स्थानीय स्तर पर पकड़े जाने वाले कारोबारी अक्सर यह दावा करते हैं कि उनका नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है।
पुलिस और ड्रग कंट्रोल एजेंसियों की कोशिश रहती है कि इस नेटवर्क को कुंद किया जाए। हाल ही में कुछ बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है जिसमें न केवल देश के बड़े शहर बल्कि दुबई के ठिकानों से जुड़े दस्तावेज और लेन-देन की जानकारी मिली। इस खुलासे ने यह साबित किया कि नशीले कफ सिरप का कारोबार अब सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका अंतरराष्ट्रीय आयाम भी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानून और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही इस अवैध कारोबार को रोक सकता है। साथ ही, आम लोगों को भी नशीले सिरप जैसी दवाओं के दुरुपयोग और उसके खतरों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।