DGCA proposes नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमान टिकट रिफंड के नियमों में बदलाव के लिए एक मसौदा प्रस्ताव जारी किया है जिसमें मेडिकल इमरजेंसी के कारण विमान टिकट कैंसिलेशन पर पूरा पैसा वापस करने का प्रावधान है। इस प्रस्ताव के अनुसार विमान कंपनियों को मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में यात्रियों को पूरा रिफंड देना होगा या उन्हें क्रेडिट शेल की सुविधा देनी होगी।
नए नियमों के प्रमुख बिंदु
– मेडिकल इमरजेंसी के कारण विमान टिकट कैंसिलेशन पर पूरा पैसा वापस करने का प्रावधान
– विमान कंपनियों को रिफंड के लिए अधिकतम समय सीमा 21 कार्यदिवस निर्धारित की गई है
– यात्रा एजेंटों के माध्यम से बुकिंग करने पर भी विमान कंपनियों की जिम्मेदारी होगी रिफंड की
– नाम में सुधार के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा यदि त्रुटि की सूचना बुकिंग के 24 घंटों के भीतर दी जाती है
यात्रियों के लिए राहत
डीजीसीए के इस प्रस्ताव से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो अक्सर विमान टिकट कैंसिलेशन के मामलों में परेशानियों का सामना करते हैं। नए नियमों के तहत विमान कंपनियों को रिफंड के मामलों में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
विमान कंपनियों के लिए नई जिम्मेदारियां
डीजीसीए के इस प्रस्ताव के तहत, विमान कंपनियों को रिफंड के मामलों में अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्हें रिफंड के लिए अधिकतम समय सीमा का पालन करना होगा और यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
क्या है डीजीसीए का उद्देश्य?
डीजीसीए का उद्देश्य विमान यात्रियों के हितों की रक्षा करना और विमान कंपनियों को अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है। नए नियमों के तहत विमान कंपनियों को यात्रियों के साथ अधिक अच्छे से पेश आना होगा और उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा।