Tobacco products नई दिल्ली:– केंद्र सरकार ने पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर ड्यूटी बढ़ाने के लिए संसद में दो बिल पेश किए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में ‘सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025’ और ‘हेल्थ सिक्योरिटी एंड नेशनल सिक्योरिटी सेज बिल, 2025’ पेश किए। इन बिलों के जरिए सरकार तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी क्षतिपूर्ति शुल्क को समाप्त करने और उसकी जगह एक्साइज ड्यूटी लगाने की योजना बना रही है। इससे तंबाकू उत्पादों पर कर का बोझ बढ़ सकता है। पान मसाला पर भी एक नया शुल्क लगाया जाएगा जो उत्पादन क्षमता के आधार पर वसूला जाएगा।
बिलों के प्रमुख बिंदु:
– तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी क्षतिपूर्ति शुल्क को समाप्त करना
– तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाना
– पान मसाला पर उत्पादन क्षमता के आधार पर शुल्क लगाना
– स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए फंड जुटाना
– तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करना
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन बिलों का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों पर कर का बोझ बढ़ाना और स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए फंड जुटाना है। उन्होंने कहा कि इससे तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने इन बिलों का विरोध किया है उनका कहना है कि इससे तंबाकू उत्पादों की कीमतें बढ़ेंगी और गरीब लोगों पर बोझ पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इन बिलों को वापस लेने की मांग की है।
अब क्या होगा?
इन बिलों को संसद की स्थायी समिति को भेजा जाएगा, जहां इनकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद इन बिलों को संसद में पारित किया जाएगा और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।