सोनभद्र में आध्यात्मिक ज्ञान और प्रशासनिक दायित्व का अद्भुत संगम

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश):- जिलाधिकारी सोनभद्र श्री बी एन सिंह को यथार्थ गीता भेंट करते हुए दस्तक हिंदुस्तान के ब्यूरो चीफ सोनभद्र विवेक मिश्रा और महुअरिया शक्ति पीठ धाम के महंत श्री राम आशीष ने एक विशेष और प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की। यह आयोजन केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी बल्कि आध्यात्मिक विचारों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच समन्वय का प्रतीक भी थी। यथार्थ गीता भारत की आध्यात्मिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के लिए स्पष्ट दिशा और सकारात्मक दृष्टि प्रदान करता है। ऐसे ग्रंथ का प्रशासनिक प्रमुख को समर्पण यह दर्शाता है कि संस्कृति और कर्तव्य का संगम सदैव समाज को नई राह दिखाता है।

 

दस्तक हिंदुस्तान के प्रतिनिधि विवेक मिश्रा ने बताया कि यथार्थ गीता कर्म योग भक्ति और ज्ञान के संतुलन का अद्भुत संदेश देती है जो किसी भी पदाधिकारी के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। दूसरी ओर महंत श्री राम आशीष ने कहा कि इस ग्रंथ का उद्देश्य मानव जीवन को सरल और सत्य के पथ पर अग्रसर करना है। जिलाधिकारी बी एन सिंह ने इस भेंट को अत्यंत सम्मान के साथ स्वीकार किया और कहा कि ऐसे आध्यात्मिक ग्रंथ प्रशासनिक कार्यों में संयम और स्पष्टता बनाए रखने में सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग और मार्गदर्शन किसी भी जिले के विकास के लिए अनिवार्य है।

इस अवसर पर उपस्थित जनों ने इसे एक सकारात्मक पहल बताया जो प्रशासन और समाज के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत बनाती है। इससे यह संदेश भी स्थापित हुआ कि जब आध्यात्मिक मूल्यों और सरकारी दायित्वों का मेल होता है तब समाज में सामंजस्य और विकास की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। सोनभद्र में हुए इस विशेष आयोजन ने क्षेत्र में सेवा और संस्कार दोनों के महत्व को और गहरा कर दिया है।

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