Rupee retreats मुंबई:- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी नवीनतम बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की घोषणा की जिससे यह 5.25% हो गई है। इस फैसले के बाद भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो गया और 89.92 पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के इस फैसले का उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना है क्योंकि महंगाई दर कम है और आर्थिक वृद्धि मजबूत है। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह फैसला देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
रेपो रेट में कटौती के बाद स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5% हो गई है जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट 5.5% हो गए हैं। RBI ने अपनी आर्थिक वृद्धि की अनुमानित दर को भी 7.3% कर दिया है, जो पहले 6.8% थी। इस रेपो रेट कटौती का मतलब है कि बैंकों को कम ब्याज दर पर पैसा मिलेगा, जिससे वे अपने ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लाने की उम्मीद कर सकते हैं। इससे घर खरीदारों और व्यवसायों को फायदा होगा क्योंकि उन्हें कम ब्याज दर पर लाने की उम्मीद है।