कोलकाता (पश्चिम बंगाल):- तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वे मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में एक नई मस्जिद की आधारशिला रखने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह मस्जिद बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई जाएगी और इसी कारण यह पहल राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को धार्मिक अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है जबकि राज्य की राजनीति में इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
हुमायूं कबीर के निलंबन के बाद भी उनकी सक्रियता कम नहीं हुई है। वे लगातार क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत रखने की कोशिश कर रहे हैं। मस्जिद निर्माण की घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में राजनीतिक तापमान पहले से ही बढ़ा हुआ है। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक समुदाय के विश्वास को मजबूत करना है साथ ही यह संदेश भी देना है कि वे राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित हुए बिना अपने सामाजिक कार्य जारी रखेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नई मस्जिद निर्माण से समुदाय को एक नया धार्मिक केंद्र मिलेगा जो सामाजिक एकता को भी मजबूती देगा। हालांकि कुछ समूहों का मानना है कि बाबरी मस्जिद की तर्ज पर निर्माण जैसे बयान अनावश्यक तनाव पैदा कर सकते हैं। इसके बावजूद कार्यक्रम की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
राज्य की सियासत में यह कदम एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि इससे हुमायूं कबीर की राजनीतिक दिशा और सार्वजनिक समर्थन दोनों पर असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मसले पर राज्य की राजनीति में और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
बेलडांगा में होने वाला यह आयोजन धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही स्तरों पर नई बहस की शुरुआत कर रहा है।