पटना (बिहार):- बिहार की राजनीति एक बार फिर तेज़ हलचल के दौर से गुजर रही है और इस बार तूफान का केंद्र महागठबंधन के भीतर दिखाई दे रहा है। सहरसा से विधायक और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष आईपी गुप्ता ने जिस तरह खुलकर बयान दिया है उसने पूरे राजनीतिक माहौल को अचानक गर्म कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें एनडीए की ओर से संपर्क किया गया है और वे गठबंधन बदलने को तैयार हैं लेकिन यह कदम वे सिर्फ एक बड़ी और निर्णायक शर्त के पूरा होने पर ही उठाएंगे।
आईपी गुप्ता का यह दावा न केवल महागठबंधन की एकता पर सवाल खड़ा करता है बल्कि यह भी संकेत देता है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बिहार की राजनीति हमेशा से तेज करवटों के लिए जानी जाती रही है और इस बार भी हालात कुछ वैसा ही स्वरूप लेते दिख रहे हैं। गुप्ता का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि वे अपनी पार्टी को राज्य की शक्ति संरचना में एक मजबूत स्थान दिलाना चाहते हैं।
महागठबंधन के नेताओं के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि भीतर से उठी ऐसी आवाजें अक्सर बड़े राजनीतिक विभाजन का आधार बन जाती हैं। हालांकि अब तक गठबंधन की ओर से इस पर कोई कठोर प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन अंदरूनी चर्चाओं का माहौल जरूर गर्म बताया जा रहा है। दूसरी ओर एनडीए इस बयान को संभावनाओं की खिड़की के रूप में देख रहा है क्योंकि कोई भी मजबूत विधायक या पार्टी सत्ता संतुलन को बदलने का सामर्थ्य रखती है।
आईपी गुप्ता की शर्त क्या है इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शर्त किसी बड़े पद या राजनीतिक दायरे से जुड़ी हो सकती है। आने वाले दिनों में यह मसला बिहार की राजनीति को एक नए दिशा बिंदु पर ले जा सकता है।