आईबीएम ने शुरू की नई पुनर्गठन प्रक्रिया कर्मचारियों की संख्या में होगी कमी

नई दिल्ली :- दुनिया की जानीमानी टेक कंपनी आईबीएम ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है जिसमें उसने अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या घटाने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि यह कदम उनके संगठन के पुनर्गठन और दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य संचालन को अधिक प्रभावी बनाना और बदलते बाजार की जरूरतों के अनुसार खुद को ढालना है। आईबीएम के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इस फैसले का असर कर्मचारियों के केवल एक छोटे हिस्से पर पड़ेगा परंतु इसका प्रभाव कंपनी की कार्य प्रणाली को और सशक्त बनाएगा।

आईबीएम पिछले कुछ वर्षों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्लाउड कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन के क्षेत्र में तेजी से निवेश कर रही है। इन क्षेत्रों में उन्नति के कारण कंपनी अब अपने संसाधनों का पुनर्वितरण कर रही है ताकि नवाचार और उत्पादकता में और सुधार किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अल्पकाल में कुछ कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा लेकिन दीर्घकाल में कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने में सहायक रहेगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि प्रभावित कर्मचारियों को उचित मुआवजा और नई नौकरी खोजने में सहायता प्रदान की जाएगी। आईबीएम का यह कदम वैश्विक स्तर पर चल रही तकनीकी कंपनियों की उस प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के कारण मानव संसाधन की संरचना में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार का पुनर्गठन संकेत देता है कि भविष्य में तकनीकी कंपनियों में स्वचालन का दायरा और भी बढ़ेगा जिससे पारंपरिक नौकरियों की प्रकृति बदल जाएगी और नई तकनीकी भूमिकाओं की मांग बढ़ेगी। आईबीएम के इस कदम ने वैश्विक आईटी उद्योग में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *