नई दिल्ली :- सरकार जल्द ही एक महत्वपूर्ण नियम लागू करने जा रही है जिसके तहत होटल इवेंट आयोजकों और विभिन्न निजी संस्थाओं को ग्राहकों के आधार कार्ड की फोटोकॉपी रखने पर रोक लग जाएगी। यह कदम नागरिकों की गोपनीयता और व्यक्तिगत पहचान संबंधी डेटा की सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।
वर्तमान आधार एक्ट के अनुसार किसी भी व्यक्ति की आधार कॉपी को बिना उचित कारण या कानूनी वैधता के रखने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कई होटल और इवेंट प्रबंधन संस्थान पहचान सत्यापन के नाम पर ग्राहकों से आधार की फोटोकॉपी मांगते हैं और उसे अपने पास सुरक्षित रखते हैं जिससे डेटा के दुरुपयोग या लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।
सरकार का यह नया नियम इसी जोखिम को खत्म करने पर केंद्रित है। इसके लागू होने के बाद संस्थानों को पहचान सत्यापन के लिए वैकल्पिक दस्तावेजों का उपयोग करना होगा या फिर आधार नंबर की सिर्फ डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया अपनानी होगी जिसमें किसी भौतिक कॉपी को सुरक्षित रखने की आवश्यकता नहीं होगी।
डेटा सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने में प्रभावी साबित होगा और पहचान चोरी जैसे मामलों में कमी आएगी। इसके साथ ही ग्राहकों को भी राहत मिलेगी क्योंकि कई बार आधार की फोटोकॉपी जमा करने के बाद उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
कुल मिलाकर यह नियम देश में डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है और इसके लागू होने के बाद पहचान दस्तावेजों के उपयोग का तरीका और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित हो जाएगा।