नई दिल्ली :- भारतीय रिज़र्व बैंक ने ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट यानी जीरो बैलेंस खाते से जुड़े नियमों में अहम बदलाव कर दिए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब देश के हर बैंक को यह खाता अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। इसके साथ ही बैंक ग्राहकों को इससे जुड़ी कई आवश्यक सेवाएं पूरी तरह मुफ्त में देंगे ताकि आम लोगों को बिना किसी अतिरिक्त बोझ के बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सके।
आरबीआई के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को और मजबूत करना है। जिन लोगों की आमदनी कम है या जो पहले बैंकिंग सिस्टम से दूर रहते थे अब वे आसानी से अपना खाता खोलकर बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इस खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की कोई बाध्यता नहीं होगी और धन जमा करने या निकालने पर भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा एटीएम कार्ड सुविधा और ट्रांजैक्शन पर भी अतिरिक्त लागत नहीं लगेगी।
केंद्रीय बैंक का मानना है कि यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर तबके को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बैंकों को अब इस तरह के खातों को लेकर किसी भी प्रकार की शर्तें नहीं लगाने दी जाएंगी जिससे ग्राहकों को पारदर्शी और सरल बैंकिंग वातावरण मिल सके।