नई दिल्ली :- सुप्रीम कोर्ट सोमवार को असम के एक कॉलेज प्रोफेसर को अंतरिम जमानत दे दी। प्रोफेसर पर इस साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में टिप्पणी करने का आरोप था। उस पर सोशल मीडिया पर अश्लील पोस्ट करने का भी आरोप था। आरोपी प्रोफेसर ने फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड की जिसमें लिखा था, “हम पाकिस्तानी नागरिकों के भाई के साथ हैं”। पोस्ट में आगे लिखा था, “हम भविष्य में भी उनके साथ रहेंगे”। इसमें तुर्की के राष्ट्रपति का भी समर्थन किया गया था, जिन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वे पाकिस्तानी नागरिकों के साथ रहेंगे।
याचिकाकर्ता एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। उन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है और वे 179 दिन हिरासत में रह चुके हैं।
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ प्रोफेसर की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि मुकदमा अभी शुरू होना बाकी है। अदालत ने यह भी कहा कि उसके खिलाफ दो अन्य एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि उसने 12 छात्राओं और महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़ की, जिनकी जांच चल रही है और आरोपपत्र अभी दाखिल नहीं किए गए हैं।