CBI Books नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अनिल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्ववर्ती आंध्रा बैंक) को हुए ₹228 करोड़ के वित्तीय नुकसान से संबंधित है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) की शिकायत पर सीबीआई ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, जय अनमोल अंबानी और रवींद्र शरद सुधाकर (RHFL के निदेशक) के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने व्यापारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक की मुंबई स्थित शाखा से ₹450 करोड़ की क्रेडिट लिमिट सुविधा ली थी। बैंक ने कंपनी पर समय पर पुनर्भुगतान, ब्याज और अन्य शुल्कों का भुगतान करने, और बिक्री की पूरी राशि बैंक खाते के माध्यम से भेजने जैसी वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की शर्त रखी थी। हालांकि कंपनी इन शर्तों का पालन करने में विफल रही और किस्तों का भुगतान नहीं कर पाई। इसके परिणामस्वरूप, 30 सितंबर 2019 को इस खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) के रूप में वर्गीकृत कर दिया गया।
बैंक की शिकायत के आधार पर, ग्रांट थॉर्नटन (GT) द्वारा 1 अप्रैल 2016 से 30 जून 2019 तक की अवधि के लिए खातों का फोरेंसिक ऑडिट किया गया। इस ऑडिट में यह बात सामने आई कि उधार लिए गए फंड का गलत आवंटन किया गया और इसे फंड डायवर्जन (Diversion of Funds) माना गया। बैंक ने आरोप लगाया है कि आरोपी व्यक्तियों ने कंपनी के पूर्व प्रमोटरों/निदेशकों की हैसियत से खातों में हेराफेरी और आपराधिक विश्वासघात के माध्यम से धन का दुरुपयोग किया, और जिस उद्देश्य के लिए ऋण लिया गया था, उसके अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए धन का इस्तेमाल किया।
यह पहली बार है जब अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल के खिलाफ इस तरह का आपराधिक मामला दर्ज किया गया है हालांकि उनके पिता अनिल अंबानी भी पहले से ही कथित ऋण अनियमितताओं से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। सीबीआई अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है जिसमें फंड के उपयोग और कथित वित्तीय अनियमितताओं की गहन जाँच शामिल है।