नई दिल्ली :- दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सीजेआई बी आर गवई पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर को अन्य वकीलों ने घेर लिया और चप्पलों से पीट दिया। यह घटना अचानक हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में अफरा तफरी फैल गई। वकीलों का मानना था कि किसी भी न्यायाधीश के साथ इस तरह का कृत्य न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ है इसलिए उन्होंने गुस्से में यह प्रतिक्रिया दी।
राकेश किशोर ने इससे पहले एक कार्यक्रम के दौरान बी आर गवई पर जूता फेंक कर सबको चौंका दिया था। यह कदम न केवल अनुशासनहीनता का उदाहरण बना बल्कि न्यायिक प्रणाली का अपमान भी माना गया। इसी घटना के चलते जब वह कड़कड़डूमा कोर्ट पहुंचा तो कई वकील उग्र हो गए और उन्होंने उसे अपना आक्रोश दिखाते हुए चप्पलों से मारना शुरू कर दिया।
कोर्ट परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और किसी तरह राकेश किशोर को भीड़ से बाहर निकाला। उसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया ताकि माहौल शांत किया जा सके। पूरा परिसर कुछ समय के लिए तनावग्रस्त रहा और कई वकीलों ने इस तरह की हरकत को न्याय व्यवस्था के लिए हानिकारक बताया।
वकीलों का कहना था कि न्यायपालिका देश की सबसे सम्मानित संस्था है और यदि कोई व्यक्ति इस सम्मान पर हमला करता है तो उसकी निंदा होना स्वाभाविक है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना था कि कानून अपने हाथ में लेना उचित नहीं है और ऐसी हर स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।
घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। यह मामला फिर एक बार सामने लाता है कि न्यायिक सम्मान और अनुशासन दोनों का पालन समाज में कितना आवश्यक है।