मलकानगिरी में भड़की हिंसा और भय से घिरा आदिवासी इलाका

भुवनेश्वर (ओडिशा):- ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सोमवार तड़के ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को तनाव और भय की आग में झोंक दिया। सुबह होते ही हालात बिगड़ने लगे जब हथियारबंद आदिवासी भीड़ अचानक एमवी छब्बीस गांव की ओर बढ़ी। यह गांव बांग्लादेशी मूल के लोगों की बस्ती माना जाता है और लंबे समय से यहां सामाजिक तनाव बना हुआ था। अचानक हुए इस हमले में भीड़ ने लगभग डेढ़ सौ घरों को आग के हवाले कर दिया जिससे पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई।

 

गांव के लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागे और कई परिवार अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर पास के जंगलों में शरण लेने को मजबूर हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं से भर गया। कई घरों की लकड़ी मिट्टी और तिनकों से बनी संरचनाएं कुछ ही मिनटों में राख बन गईं। गांव में मौजूद डर और चीख पुकार ने माहौल को और भयावह बना दिया।

 

स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और दमकल की टीम वहां पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। हालांकि घरों के घने समूह और संकरे रास्तों के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं। पुलिस ने हिंसा को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लगातार गश्त की जा रही है।

इस घटना ने न केवल कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी बल्कि यह भी साबित किया कि क्षेत्र में सामाजिक तनाव को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन अब मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि हिंसा की जड़ में कौन से कारण थे और किसने भीड़ को उकसाया। मलकानगिरी का यह दर्दनाक हादसा फिर याद दिलाता है कि शांति संवाद और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था ही स्थायी समाधान का रास्ता दिखा सकती है।

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