पश्चिम बंगाल में संवेदनशील मामले पर शीर्ष अदालत की सख्त नजर

कोलकाता (पश्चिम बंगाल):- पश्चिम बंगाल में SIR और BLO से जुड़े कथित आत्महत्या मामलों ने हाल के दिनों में गंभीर चिंता पैदा की है। इन्हीं घटनाओं को आधार बनाते हुए सनातनी संसद नामक संगठन ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी जिसके बाद मंगलवार को अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों और आरोपों का संज्ञान लेते हुए अदालत ने इस मुद्दे को अत्यंत गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

 

याचिका में यह दावा किया गया है कि हाल ही में राज्य में जिन अधिकारियों ने आत्महत्या की है वे चुनावी कार्यों से जुड़े दबाव और परिस्थितियों से प्रभावित थे। याचिकाकर्ता ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन घटनाओं के पीछे प्रशासनिक दबाव या किसी प्रकार की लापरवाही जैसी गंभीर वजहें तो नहीं हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग से विस्तृत जवाब मांगा है और यह स्पष्ट किया है कि इन घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

चुनाव से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। कई बार चुनावी कार्यों के दौरान अत्यधिक काम का बोझ और संवेदनशील स्थितियों से निपटना अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसीलिए शीर्ष अदालत का सक्रिय हस्तक्षेप न केवल उचित है बल्कि यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

अब चुनाव आयोग को अदालत के नोटिस का जवाब देना है और यह बताना है कि संबंधित मामलों में क्या कदम उठाए गए हैं या कौन सी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अदालत की यह निगरानी न केवल न्याय सुनिश्चित करेगी बल्कि चुनावी कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े बड़े सवालों को भी सामने लाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *