PMO reviews नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इंडिगो की उड़ान अव्यवस्था को लेकर सिविल एविएशन मंत्रालय, डीजीसीए और एएआई के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उड़ान रद्द होने से प्रभावित यात्रियों के मुद्दों पर चर्चा की गई और भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए रणनीति बनाई गई।इंडीगो ने पिछले दिनों बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द की थीं जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए थे। इसके बाद डीजीसीए ने इंडिगो को 5% उड़ानें कम करने का निर्देश दिया था। इंडिगो ने अब तक 829 करोड़ रुपये के रिफंड यात्रियों को दिए हैं और 4,500 में से 9,000 लाइबैग यात्रियों को वापस किए हैं।
सिविल एविएशन मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार इंडिगो की उड़ान अव्यवस्था की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों को हुई परेशानी के लिए सरकार माफी मांगती है और भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इंडीगो की उड़ान अव्यवस्था के कारणों की जांच की जा रही है और सरकार ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को तलब किया है। इंडिगो ने अपनी उड़ानें कम करने का फैसला किया है और यात्रियों को 72 घंटे पहले उड़ान रद्द होने की सूचना देने का आश्वासन दिया है।
इंडीगो की उड़ान अव्यवस्था के प्रमुख बिंदु:
– उड़ान रद्द: इंडिगो ने पिछले दिनों 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द की थीं।
– यात्री प्रभावित: लाखों यात्री प्रभावित हुए थे।
– रिफंड: 829 करोड़ रुपये के रिफंड यात्रियों को दिए गए हैं।
– बैगेज: 4,500 में से 9,000 लाइबैग यात्रियों को वापस किए गए हैं।
– जांच: सरकार इंडिगो की उड़ान अव्यवस्था की जांच कर रही है।