India gives नई दिल्ली:- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा के दौरान रूस ने भारत को Su-57 पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट, लंबी दूरी के ड्रॉन्स और पनडुब्बियों की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया था। हालांकि भारत ने इस प्रस्ताव पर ठंडी प्रतिक्रिया दी है जो रूस के लिए निराशाजनक है।भारत की इस प्रतिक्रिया के पीछे का कारण यह है कि देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और अपने रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना चाहता है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश का रक्षा उत्पादन 2014 में 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 1.51 लाख करोड़ रुपये हो गया है जो आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रूस के प्रस्ताव में Su-57 फाइटर जेट के अलावा, लंबी दूरी के ड्रॉन्स और पनडुब्बियों की आपूर्ति भी शामिल थी। हालांकि भारत ने इन प्रस्तावों पर कोई भी बड़ा समझौता नहीं किया है जो रूस के लिए एक बड़ा झटका है इस बीच रूस ने भारत को Su-57 फाइटर जेट के लिए तकनीकी हस्तांतरण का प्रस्ताव दिया है, जो भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में मदद कर सकता है। रूस के इस प्रस्ताव को भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।