Financial mess हिमाचल प्रदेश:- हिमाचल प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है जिसके कारण विधायकों के क्षेत्र विकास फंड और वेतन वृद्धि को रोक दिया गया है। राज्य का ऋण 1.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 40.5% है। इस वित्तीय संकट के कारण ग्रामीण चुनाव भी स्थगित कर दिए गए हैं।
वित्तीय संकट के कारण
– केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में कटौती
– राज्य की उधार लेने की क्षमता में कमी
– बढ़ते वेतन और पेंशन बिल
– विकास परियोजनाओं के लिए धन की कमी
सरकार के कदम
– गैर-आश्यक खर्चों में कटौती
– वेतन और पेंशन के भुगतान के लिए धन की व्यवस्था
– वित्तीय संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार से सहायता की मांग
विपक्ष की प्रतिक्रिया
– भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया
– विपक्ष ने सरकार से वित्तीय संकट के कारणों की जांच की मांग की
हिमाचल प्रदेश का वित्तीय संकट एक गंभीर समस्या है जिसके लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।