Tariffs did that वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए संघर्ष को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को व्यापारिक समझौतों को रद्द करने की धमकी दी थी, जिसके बाद दोनों देशों ने शांति स्थापित करने का फैसला किया।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने मियामी में अमेरिका बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा, “मैंने कहा था कि अगर तुम दोनों युद्ध करते रहे तो मैं तुमसे कोई व्यापार नहीं करूंगा। अगले ही दिन मुझे फोन आया कि दोनों देशों ने शांति कर ली है।” ट्रंप ने कहा, “तुम्हें पता है मैं दोनों देशों के साथ व्यापार समझौतों की प्रक्रिया में था। तभी मैंने अखबार में पढ़ा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया है सात विमान गिराए जा चुके हैं आठवां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ।”
60 बार से अधिक दावा
ट्रंप ने मई से अब तक 60 बार से अधिक यह दावा दोहराया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि किसी तीसरे पक्ष ने इसमें कोई भूमिका नहीं निभाई।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था जो पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए चलाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। चार दिन तक सीमा-पार ड्रोन और मिसाइल कार्रवाई के बाद 10 मई को दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई थी।
ट्रंप का दावा निराधार
ट्रंप के दावे के बावजूद भारत ने हमेशा कहा है कि सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और किसी भी बाहरी मध्यस्थता की जरूरत नहीं है। ट्रंप के दावे को भारत ने निराधार बताया है और कहा है कि यह उनके अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए किया जा रहा है।