Goa Nightclub fire पणजी: गोवा के वागाटोर इलाके में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ (Birch by Romeo Lane) नाइट क्लब में भीषण आग लगने से कुछ दिन पहले ही एक महिला पर्यटक ने क्लब के मैनेजर और सुरक्षा कर्मचारियों पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए थे। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी। महिला के ये पुराने आरोप अब क्लब की सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ के रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।
वैभवी नाम की इस महिला ने नवंबर में क्लब का दौरा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नाइट क्लब में जगह बहुत संकरी थी और अंदर आने-जाने के लिए केवल एक ही ऊंचा रास्ता था, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। महिला ने बताया कि 1 नवंबर को तड़के करीब 3 बजे जब वह अपने चचेरे भाई-बहनों के साथ क्लब से निकल रही थीं, तो रास्ते में रखी एक भारी कुर्सी को उनके चचेरे भाई ने पैर से हटा दिया। इस पर मैनेजर उनके पास आया और अभद्र व्यवहार करते हुए कहा, “आप फर्नीचर खराब कर रहे हैं; हमें आपको पहले ही बाहर निकाल देना चाहिए था। आपकी यहां होने की हैसियत नहीं है।”
आरोपों के मुताबिक, जब उन्होंने माफ़ी मांगकर जाने की कोशिश की, तो मैनेजर ने अपने बाउंसरों को बुला लिया। बाउंसरों ने उनका पीछा किया और उन पर हाथ उठाया। महिला ने दावा किया कि एक बाउंसर ने उनकी बहन की छाती पर मारा और उन्हें सीढ़ियों से धक्का दे दिया, जबकि एक अन्य बाउंसर ने उनके भाई पर रॉड से हमला किया। महिला ने कहा, जब उन्होंने बाउंसर को रोकने की कोशिश की, तो उसने उन्हें भी मारा यह घटना तब सामने आई है जब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में भीषण आग लगने के बाद क्लब के मालिकों, गौरव और सौरभ लूथरा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। महिला के ये आरोप बताते हैं कि आग लगने से पहले भी इस क्लब की सुरक्षा और स्टाफ के व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें थीं।