नई दिल्ली :- पहली बार दो लाख रुपये के स्तर को पार करने के बाद चांदी की कीमत में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट ने निवेशकों और सर्राफा बाजार दोनों को चौंका दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मार्च दो हजार छब्बीस एक्सपायरी वाली चांदी का भाव घटकर एक लाख बानवे हजार सात सौ चौरासी रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया है। लगातार तेजी के बाद आई इस गिरावट को बाजार के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।
बीते कुछ समय से चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत मांग औद्योगिक उपयोग में बढ़ोतरी और डॉलर में उतार चढ़ाव के कारण चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया था। निवेशकों ने इसे सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देखा और जमकर खरीदारी की। इसी वजह से चांदी का भाव तेजी से ऊपर चढ़ा और पहली बार दो लाख रुपये के पार पहुंच गया।
लेकिन रिकॉर्ड स्तर के बाद मुनाफावसूली शुरू होते ही कीमतों में दबाव बन गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया जिससे चांदी के दाम में गिरावट आई। इसके साथ ही वैश्विक बाजार में संकेत मिले कि मांग में थोड़ी नरमी आ सकती है। इसका असर घरेलू वायदा बाजार पर भी साफ नजर आया।
सर्राफा बाजार से जुड़े लोगों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। औद्योगिक सेक्टर में चांदी की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लंबी अवधि में कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
निवेश विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि छोटे निवेशक जल्दबाजी में फैसला न लें। बाजार में उतार चढ़ाव स्वाभाविक है और कीमती धातुओं में यह आम बात है। जो लोग लंबे समय के नजरिए से निवेश कर रहे हैं उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका भी बन सकती है।
कुल मिलाकर चांदी के दाम में आई यह गिरावट बाजार की दिशा को लेकर नई चर्चा छेड़ रही है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संकेत और घरेलू मांग तय करेगी कि चांदी फिर से तेजी पकड़ेगी या कुछ समय तक दबाव में रहेगी।