पुरानी पेंशन योजना की वापसी का सपना टूटा? 8वें वेतन आयोग ने दे दिया बड़ा झटका

नई दिल्ली :- केंद्र और राज्य सरकारों के लाखों कर्मचारी, भारतीय सशस्त्र बलों को छोड़कर, लगातार पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग कर रहे हैं। जनवरी 2004 में केंद्र सरकार ने नई नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) शुरू की थी, जिससे दशकों पुरानी गारंटीड और गैर-योगदान वाली OPS खत्म हो गई। 1 अप्रैल 2025 से शुरू हुई UPS

OPS की बहाली की मांगों के बीच केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2025 को यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) लॉन्च की। ये योजना NPS और OPS दोनों की अच्छाइयों का मिक्स है। UPS में कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान देंगे, ठीक NPS की तरह। लेकिन इसमें न्यूनतम गारंटीड पेंशन भी मिलेगी, अगर कर्मचारी तय सेवा अवधि पूरी कर ले। सरकार का दावा है कि UPS से कर्मचारियों को सुरक्षा मिलेगी और सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।

OPS फिर बनी टॉप डिमांड

इस साल जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का ऐलान किया। इसके बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों पर यूनियनों से सुझाव मांगे गए। इनमें OPS की वापसी सबसे बड़ी मांग रही। यूनियनों का कहना है कि NPS में पेंशन बाजार पर निर्भर है और अनिश्चित, जबकि OPS में जीवनभर फिक्स्ड पेंशन मिलती थी।

क्या सोचती है सरकार?

फिर भी, केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि OPS की वापसी का कोई चांस नहीं। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट मीटिंग में 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को अप्रूवल मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *