AIIMS Study नई दिल्ली: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एआईआईएमएस) द्वारा किए गए एक वर्षीय अध्ययन में पाया गया है कि कोविड-19 टीकाकरण और युवा वयस्कों में अचानक मौतों के बीच कोई संबंध नहीं है। यह अध्ययन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के फ्लैगशिप जर्नल, इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।
एआईआईएमएस के प्रोफेसर डॉ. सुधीर अरव ने कहा, “यह अध्ययन इस बात की पुष्टि करता है कि कोविड-19 टीके सुरक्षित हैं और अचानक मौतों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि अध्ययन में पाया गया है कि युवा वयस्कों में अचानक मौतों के मुख्य कारण हृदय रोग, श्वसन रोग और अन्य गैर-कार्डियक स्थितियां हैं। अध्ययन में 18-45 वर्ष की आयु के 103 युवा वयस्कों की अचानक मौतों का विश्लेषण किया गया, जिनमें से अधिकांश पुरुष थे। अध्ययन में पाया गया कि इनमें से 42.6% मौतें हृदय रोग के कारण हुईं जबकि 21.3% मौतें श्वसन रोग के कारण हुईं।
डॉ. अरव ने कहा, “यह अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित होना चाहिए, न कि भ्रामक जानकारी पर।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे टीकाकरण के बारे में विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और भ्रामक जानकारी से बचें। यह अध्ययन इस बात की पुष्टि करता है कि कोविड-19 टीके सुरक्षित हैं और अचानक मौतों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। हालांकि यह अध्ययन इस बात पर भी जोर देता है कि हृदय रोग और श्वसन रोग जैसी स्थितियों के लिए समय पर जांच और उपचार आवश्यक है ।