Audio clip नई दिल्ली: मणिपुर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के खिलाफ सबूतों वाली पूरी ऑडियो क्लिप फोरेंसिक जांच के लिए क्यों नहीं भेजी गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह “थोड़ा परेशान करने वाला” है कि याचिकाकर्ताओं ने केवल कुछ हिस्सों को ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था।
सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच, जिसमें न्यायाधिकारी संजय कुमार और अलोक अराधे शामिल थे ने कहा कि अगर पूरी ऑडियो क्लिप उपलब्ध थी तो इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाना चाहिए था। बेंच ने कहा, “एक बार जब आपके पास पूरी टेप उपलब्ध है तो इसे पूरी तरह से एनएफएसयू को भेजा जाना चाहिए था”। याचिकाकर्ता, कुकी संगठन फोर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट (KOHUR) ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मणिपुर में हिंसा को भड़काया था। KOHUR ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को निर्धारित की है ।
मणिपुर हिंसा की पृष्ठभूमि
मणिपुर में मई 2023 में हिंसा शुरू हुई थी जिसमें 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हुए। हिंसा का कारण मेइती और कुकी समुदायों के बीच विवाद था। पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने फेब्रुवरी 2025 में इस्तीफा दे दिया था।