नई दिल्ली :- दिल्ली एनसीआर में एक बार फिर घनी धुंध और जहरीली हवा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया है। कई क्षेत्रों में AQI चार सौ के पार दर्ज किया गया है जिससे हालात गंभीर बने हुए हैं। ग्रेप चार के तहत कड़े प्रतिबंध लागू होने के बावजूद प्रदूषण में फिलहाल कोई खास राहत नजर नहीं आ रही है।
सुबह और रात के समय धुंध की मोटी परत छाई रहने से दृश्यता काफी कम हो गई है। सड़कों पर वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ रहा है। कम दिखाई देने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। इसी को देखते हुए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी उड़ान से जुड़ी जानकारी पहले से जांच लें और समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें।
प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर का सबसे ज्यादा असर बच्चों बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सांस लेने में दिक्कत आंखों में जलन और खांसी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य पर रोक और वाहनों पर सख्ती जैसे कदम उठाए गए हैं लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की गति बढ़ने या बारिश होने पर ही प्रदूषण से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरूरत है।