नई दिल्ली :- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि बीमा क्षेत्र में FDI (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) की सीमा 100 प्रतिशत तक बढ़ाने से इस क्षेत्र में अधिक पूंजी आएगी। उनका मानना है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बीमा उत्पादों की पहुंच और सुलभता में सुधार होगा।
सीतारमण ने बताया कि बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ने से नए निवेशक और वैश्विक अनुभव आएगा, जिससे बीमा कंपनियों की दक्षता और सेवाओं में सुधार होगा। इससे बीमा पॉलिसियों की कीमतें भी अधिक किफायती हो सकती हैं, जिससे ज्यादा लोगों तक बीमा कवरेज पहुंचेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि बीमा क्षेत्र को विकसित और सशक्त बनाया जाए। FDI बढ़ाने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद और सेवाएं मिलेंगी। साथ ही यह कदम आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में भी योगदान देगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI से कंपनियों को अधिक पूंजी और निवेश की स्वतंत्रता मिलेगी। इससे नए बीमा उत्पाद विकसित होंगे और ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बीमा कवरेज बढ़ेगा।
सरकार का यह कदम बीमा क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भारत में बीमा उद्योग की वृद्धि दर में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।