Opposition Protest नई दिल्ली: लोकसभा ने बुधवार को वीबी-जी आरएएम जी बिल, 2025 पारित कर दिया जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) की जगह लेगा। इस बिल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों का रोजगार गारंटी प्रदान करना है जो वर्तमान में 100 दिनों का है।
बिल का विरोध करते हुए विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार महात्मा गांधी के नाम को हटाकर उनकी विरासत का अपमान कर रही है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह बिल ग्रामीण गरीबों के अधिकारों को कमजोर करेगा और उनकी आजीविका को खतरे में डाल देगा । केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल का बचाव करते हुए कहा कि यह बिल महात्मा गांधी के आदर्शों को आगे बढ़ाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि बिल में 125 दिनों का रोजगार गारंटी प्रदान करने का प्रावधान है जो वर्तमान में 100 दिनों का है।
बिल के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारें 60:40 के अनुपात में इस योजना के लिए धन प्रदान करेंगी। हालांकि, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 होगाविपक्ष के विरोध के बावजूद लोकसभा ने बिल को पारित कर दिया जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब यह बिल राज्यसभा में विचार के लिए जाएगा।