नई दिल्ली :- फिल्मी दुनिया की चमक दमक के बीच कलाकारों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में है। दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी पहचान बना चुकी अभिनेत्री निधि अग्रवाल हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक फिल्मी कार्यक्रम में शामिल हुईं। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी फिल्म का प्रचार था लेकिन वहां मौजूद भीड़ के एक हिस्से का व्यवहार बेहद निंदनीय रहा। सोशल मीडिया पर सामने आए एक छोटे वीडियो ने इस घटना की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
वीडियो में दिखता है कि जैसे ही अभिनेत्री मंच से नीचे आती हैं कुछ लोग अनुशासन भूलकर उनके बेहद करीब आ जाते हैं। कैमरे के फ्लैश और मोबाइल फोन के बीच उनका निजी दायरा पूरी तरह टूटता नजर आता है। अभिनेत्री असहज होकर आगे बढ़ने की कोशिश करती हैं लेकिन भीड़ का दबाव साफ दिखाई देता है। यह दृश्य यह सोचने पर मजबूर करता है कि सार्वजनिक आयोजनों में महिला कलाकारों की गरिमा की रक्षा आखिर कौन करेगा।
इस तरह की घटनाएं केवल किसी एक अभिनेत्री तक सीमित नहीं हैं। पहले भी कई कलाकारों ने भीड़ के बेकाबू व्यवहार पर चिंता जताई है। प्रशंसक होने का अर्थ सम्मान होता है न कि किसी की व्यक्तिगत सीमाओं को तोड़ना। किसी भी कलाकार की लोकप्रियता उसे असुरक्षित बनाने का बहाना नहीं बन सकती।
फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है और आयोजकों से कड़े इंतजाम की मांग की है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक स्थिति दोबारा न बने। समाज को भी यह समझने की जरूरत है कि तालियों और प्रशंसा का अधिकार तभी तक है जब तक सम्मान बना रहे।
यह घटना एक चेतावनी है कि मनोरंजन के नाम पर मर्यादा भंग नहीं की जा सकती। महिला कलाकारों को सुरक्षित माहौल देना केवल आयोजकों की नहीं बल्कि हर दर्शक और प्रशंसक की जिम्मेदारी है। जब तक सोच नहीं बदलेगी तब तक ऐसे वीडियो बार बार हमें शर्मिंदा करते रहेंगे।