HIV Positive सतना:- मध्य प्रदेश सरकार ने सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी अस्पताल में छह बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने रक्त बैंक के प्रभारी डॉ. देवेन्द्र पटेल और दो लैब तकनीशियनों, राम भाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडेय को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, पूर्व सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा गठित एक समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने का कारण दूषित रक्त का आधान है।
सतना के जिला अस्पताल में थलेसेमिया से पीड़ित छह बच्चों को जनवरी से मई के बीच एचआईवी पॉजिटिव पाया गया था। इन बच्चों को नियमित रूप से रक्त आधान किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि दूषित रक्त के कारण इन बच्चों को एचआईवी संक्रमण हुआ है। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा है कि सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या हैं आगे की कार्रवाई के कदम?
– सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
– समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– स्वास्थ्य विभाग ने रक्त बैंकों में सुरक्षा और गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।