चीन से जुड़ा साइबर ठगी नेटवर्क दिल्ली में बेनकाब

नई दिल्ली :- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट का खुलासा किया है। इस नेटवर्क की जड़ें चीन तक फैली हुई थीं और इसका संचालन बेहद शातिर तरीके से किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को निशाना बनाकर उनसे करीब सैंतालीस लाख रुपये की ठगी की। यह मामला साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती को उजागर करता है।

 

पुलिस के अनुसार ठगों ने खुद को प्रतिष्ठित संस्थाओं से जुड़ा बताकर पीड़ित से संपर्क किया। पहले भरोसा जीतने के लिए छोटी बातचीत की गई और फिर निवेश और तकनीकी सहायता के नाम पर झांसे में लिया गया। धीरे धीरे पीड़ित को अलग अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। ठगों ने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए इस पूरे अपराध को अंजाम दिया जिससे शक की गुंजाइश कम रहे।

 

जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम कई परतों में इधर उधर की गई ताकि उसका पता लगाना मुश्किल हो जाए। कुछ खाते भारत में थे जबकि कई खातों के लिंक विदेशी सर्वरों और चीन स्थित ऑपरेटर्स से जुड़े पाए गए। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की मदद से इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा।

 

क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से इस गिरोह के कुछ अहम सदस्यों की पहचान की गई है। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक मामला नहीं बल्कि बड़े संगठित साइबर अपराध का हिस्सा है। आगे की जांच में और पीड़ितों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल मैसेज या ईमेल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन जरूरी है। यह मामला साफ करता है कि साइबर अपराधी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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