ऑनलाइन क्रिकेट प्रिडिक्शन से करोड़ों तक का सफर और फिर ईडी की कार्रवाई में फंसा अनुराग द्विवेदी

उन्नाव (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश के उन्नाव का रहने वाला अनुराग द्विवेदी महज छब्बीस साल की उम्र में ऑनलाइन दुनिया का चर्चित नाम बन गया था। बैटिंग ऐप्स और टेलीग्राम चैनलों के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट प्रिडिक्शन कर उसने बेहद कम समय में बेशुमार दौलत कमा ली। सोशल मीडिया पर उसकी लग्जरी लाइफस्टाइल महंगी गाड़ियां और विदेशी यात्राएं युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन गई थीं। लेकिन अब वही नाम प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के शिकंजे में आ गया है।

गुरुवार को ईडी की कार्रवाई ने इस पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। हालांकि अनुराग की कहानी यहीं से शुरू नहीं होती। शुरुआती दौर में उसने छोटे स्तर पर क्रिकेट मैचों के आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रिडिक्शन देना शुरू किया था। धीरे धीरे उसने टेलीग्राम चैनल बनाए जहां हजारों लोग उससे जुड़ते चले गए। कुछ ही समय में उसके चैनलों पर लाखों सब्सक्राइबर हो गए और यहीं से कमाई का सिलसिला तेजी से बढ़ा।

बताया जाता है कि अनुराग बैटिंग ऐप्स के प्रमोशन के जरिए भी मोटी रकम कमाता था। वह खुद को क्रिकेट एक्सपर्ट के रूप में पेश करता और लोगों को जीत की गारंटी वाले दावे करता था। कई यूजर्स ने भारी मुनाफा कमाने की उम्मीद में इन प्लेटफॉर्म्स पर पैसा लगाया। इसी दौरान उसकी आय और संपत्तियों में असामान्य वृद्धि ईडी के रडार पर आ गई। जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे नेटवर्क में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी से जुड़ा बड़ा खेल छिपा हुआ है। ईडी अब उसके बैंक खातों डिजिटल ट्रांजेक्शन और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।

यह मामला उन युवाओं के लिए भी चेतावनी है जो ऑनलाइन शॉर्टकट से अमीर बनने के सपने देखते हैं। अनुराग द्विवेदी की कहानी दिखाती है कि चमक दमक के पीछे कितना बड़ा खतरा छिपा हो सकता है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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