गुवाहाटी :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी में लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन कर पूर्वोत्तर भारत को एक बड़ी सौगात दी है। यह टर्मिनल केवल एक आधुनिक इमारत नहीं बल्कि भारत का पहला नेचर थीम आधारित एयरपोर्ट टर्मिनल है जो असम की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
इस टर्मिनल की सबसे खास बात इसका डिजाइन है। भवन के भीतर बनाए गए खंभे कोपौ फूल से प्रेरित हैं जो असम की पारंपरिक संस्कृति का अहम प्रतीक माना जाता है। कोपौ फूल असमिया समाज में समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है और इसे डिजाइन में शामिल कर स्थानीय पहचान को सम्मान दिया गया है। इसके अलावा टर्मिनल में बांस आधारित संरचनाओं का इस्तेमाल किया गया है जो पूर्वोत्तर की पारंपरिक निर्माण शैली को दर्शाता है।
एयरपोर्ट टर्मिनल में प्राकृतिक रोशनी और खुली जगहों का खास ध्यान रखा गया है। इससे न केवल ऊर्जा की बचत होती है बल्कि यात्रियों को एक सुकून भरा अनुभव भी मिलता है। टर्मिनल का इंटीरियर हरियाली से प्रेरित है जिससे ऐसा महसूस होता है मानो यात्री किसी प्राकृतिक स्थल से गुजर रहे हों।
यह नया टर्मिनल अत्याधुनिक सुविधाओं से भी लैस है। यहां यात्रियों की क्षमता पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है जिससे भविष्य में बढ़ने वाले यात्री भार को आसानी से संभाला जा सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था चेक इन सिस्टम और बैगेज हैंडलिंग को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर असम में 15,600 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया। इससे साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के विकास को लेकर गंभीर है और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
गुवाहाटी का यह नेचर थीम एयरपोर्ट टर्मिनल न केवल यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा बल्कि असम की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान भी दिलाएगा। यह टर्मिनल आने वाले समय में पूर्वोत्तर भारत की नई पहचान बन सकता है।