Aravalli row दिल्ली:- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पहाड़ियों में खनन के नए नियमों पर सफाई देते हुए कहा है कि केवल 0.19% क्षेत्र में ही खनन की अनुमति दी जाएगी और इस प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अरावली पहाड़ियों की कुल 1.44 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से केवल 217 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ही खनन की अनुमति दी जाएगी।
यादव ने कहा कि अरावली पहाड़ियों में खनन के लिए एक सख्त वैज्ञानिक योजना बनाई जाएगी, जिसमें भारतीय वन अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ही खनन की अनुमति दी जाएगी और इसमें पर्यावरण संरक्षण के सख्त नियमों का पालन करना होगा यादव ने कहा कि अरावली पहाड़ियों में खनन के नए नियमों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है न कि खनन को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि अरावली पहाड़ियों की जैव विविधता और पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।