Management Specialist नई दिल्ली:- अमेरिका के एक इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट के अनुसार दर्द को सिर्फ खत्म करने से ज्यादा उसे प्रबंधित करना भी जरूरी है। उनका कहना है कि दर्द को प्रबंधित करने से न केवल दर्द कम होता है बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
पेन मैनेजमेंट क्या है?
पेन मैनेजमेंट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दर्द को कम करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जाता है। इसमें दवाएं, फिजिकल थेरेपी, कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी), और लाइफस्टाइल में बदलाव शामिल हो सकते हैं।
पेन मैनेजमेंट के प्रकार
– इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट: इसमें दर्द को कम करने के लिए न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाता है जैसे कि नर्व ब्लॉक्स, एपिड्यूरल स्टेरॉयड इंजेक्शन, और रेडियोफ्रेक्वेंसी एब्लेशन।
– मेडिकल पेन मैनेजमेंट: इसमें दर्द को कम करने के लिए दवाओं का उपयोग किया जाता है कि ओपियोड्स, एंटीडिप्रेसेंट्स, और एंटीकॉन्वल्सेंट्स।
– फिजिकल थेरेपी: इसमें दर्द को कम करने के लिए व्यायाम और फिजिकल थेरेपी का उपयोग किया जाता है।
– कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी): इसमें दर्द को कम करने के लिए मानसिक और भावनात्मक तरीकों का उपयोग किया जाता है।
पेन मैनेजमेंट के फायदे
– दर्द कम होता है
– जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है
– दवाओं की आवश्यकता कम होती है
– मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार होता है