VISA Fee वाशिंगटन:- अमेरिकी न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए एच-1बी वीजा शुल्क को चुनौती देने वाली व्यापारिक समूह की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि ट्रंप के पास इस शुल्क को लगाने का अधिकार है क्योंकि यह अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा के लिए आवश्यक है ट्रंप प्रशासन ने सितंबर में एच-1बी वीजा शुल्क को 100,000 डॉलर तक बढ़ाने का फैसला किया था जिसे व्यापारिक समूह ने चुनौती दी थी। समूह का तर्क था कि यह शुल्क अमेरिकी कंपनियों के लिए भारी बोझ होगा और उन्हें विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने से रोक सकता है।
लेकिन न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि यह शुल्क अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा के लिए आवश्यक है। न्यायालय ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने यह साबित किया है कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग हो रहा है और अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान पहुंच रहा है इस फैसले से अमेरिकी कंपनियों को झटका लगा है जो एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर निर्भर हैं। कंपनियों का कहना है कि यह शुल्क उनके लिए भारी बोझ होगा और उन्हें विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने से रोक सकता है।