अलीगढ़ :- अलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2012 में की गई 118 संविदा कर्मियों की नियुक्तियों का पूरा रिकॉर्ड विभाग से गायब बताया जा रहा है। इन नियुक्तियों में 30 डॉक्टरों सहित कई स्वास्थ्यकर्मियों को संविदा पर रखा गया था लेकिन अब विभाग के पास इनकी नियुक्तियों से संबंधित कोई भी आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
जानकारी के अनुसार एक शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत विभाग से इन नियुक्तियों का विवरण मांगा था लेकिन रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में विभाग असमर्थ रहा। जब संबंधित अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पुराने दस्तावेज खोजे जा रहे हैं परंतु अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। इससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि कहीं इन नियुक्तियों में गड़बड़ी तो नहीं हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित फाइलों को खोजने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह मामला केवल रिकॉर्ड गायब होने का नहीं बल्कि संभावित अनियमितताओं का भी हो सकता है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस घटना को गंभीर बताया है और पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी कार्यालयों से इस तरह महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होते रहेंगे तो जनता का भरोसा कमजोर होगा।
फिलहाल प्रशासन इस बात की जांच में जुटा है कि रिकॉर्ड कहां और कैसे गायब हुआ तथा उस समय किन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी। अलीगढ़ में यह मामला अब एक बड़े प्रशासनिक घोटाले के रूप में देखा जा रहा है और सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।