Arvalli Hills : राजस्थान में नया राजनीतिक फ्लैशपॉइंट, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

Aravalli Hills राजस्थान:- राजस्थान में अरावली पहाड़ियों को बचाने के लिए चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर हमला बोल रही हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को मंजूरी दे दी जिसके तहत केवल 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही संरक्षित माना जाएगा। इससे 90% अरावली पहाड़ियां संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएंगी जिससे खनन माफिया सक्रिय हो सकते हैं ।

कांग्रेस ने इस फैसले को “अरावली को नष्ट करने की साजिश” बताया है जबकि भाजपा का कहना है कि यह फैसला पर्यावरण संरक्षण के लिए है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की है जबकि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा है कि अरावली पहाड़ियों का संरक्षण उनकी सरकार की प्राथमिकता है इस मुद्दे पर राजस्थान में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट 26 दिसंबर को जयपुर में एक पैदल मार्च में शामिल होंगे, जबकि निर्मल चौधरी नामक एक युवा नेता माउंट आबू से 1000 किमी की पैदल यात्रा शुरू करेंगे।

अरावली पहाड़ियों का महत्व

अरावली पहाड़ियां राजस्थान की जीवनरेखा हैं जो रेगिस्तान को रोकती हैं और भूजल को रिचार्ज करती हैं। इन पहाड़ियों में कई महत्वपूर्ण खनिज संसाधन भी हैं जिनका संरक्षण करना आवश्यक है।

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