भोपाल (मध्य प्रदेश):- भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के एक छात्र का मामला इन दिनों चर्चा में है। छात्र पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर भगवान राम और भगवान कृष्ण के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। यह टिप्पणी सामने आते ही हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया। कई संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्र को हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया।
थाने में कार्रवाई के दौरान छात्र का व्यवहार भी चर्चा का विषय बन गया। बताया जा रहा है कि वह गंभीर स्थिति में भी मुस्कराता रहा और खुद को किसी से डरने वाला नहीं बताया। गिरफ्तारी के बाद जब उसे थाने से बाहर लाया गया तब भी उसके चेहरे पर हंसी देखी गई। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।
मामला यहीं नहीं रुका। रिहाई के बाद छात्र ने एक ब्लॉग पोस्ट किया जिसमें उसने खुद को अमर बताया और यह दावा किया कि वह अवतरित हुआ है। इस बयान ने समाज में नई बहस को जन्म दे दिया। कई लोगों ने इसे मानसिक असंतुलन बताया तो कुछ ने इसे जानबूझकर किया गया उकसावा करार दिया। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा कहां तक होनी चाहिए।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। धार्मिक भावनाओं का सम्मान सभी नागरिकों का कर्तव्य है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्र के आचरण पर आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही है। यह घटना युवाओं के बीच जिम्मेदार व्यवहार और सोशल मीडिया के सही उपयोग को लेकर एक गंभीर संदेश देती है।