नई दिल्ली :- आज 26 दिसंबर से देशभर में ट्रेन से यात्रा करना महंगा हो गया है। भारतीय रेलवे ने एक बार फिर किराए में बढ़ोतरी का फैसला किया है। यह बीते छह महीनों में दूसरी बार है जब रेल यात्रियों को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ेगा। इस फैसले का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।
रेलवे द्वारा की गई इस बढ़ोतरी में एसी और नॉन एसी दोनों श्रेणियों के कोच शामिल हैं। यानी स्लीपर क्लास से लेकर थर्ड एसी और सेकंड एसी तक यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले से ज्यादा किराया देना होगा। हालांकि लोकल और उपनगरीय ट्रेनों पर इसका प्रभाव सीमित बताया जा रहा है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार किराया बढ़ाने का फैसला बढ़ती परिचालन लागत और रखरखाव खर्च को देखते हुए लिया गया है। ईंधन की कीमतों में उतार चढ़ाव और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर हो रहे खर्च को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। रेलवे का तर्क है कि किराया बढ़ोतरी से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
वहीं आम यात्रियों के लिए यह फैसला चिंता बढ़ाने वाला है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए रेल किराए में इजाफा अतिरिक्त बोझ साबित हो सकता है। खासकर रोजाना या बार बार यात्रा करने वाले लोग इससे ज्यादा प्रभावित होंगे। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि किराया बढ़ाने से सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी और रेलवे को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। वहीं कई यात्रियों का कहना है कि इससे आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ेगा। कुछ लोग इसे जरूरी कदम मान रहे हैं जबकि कुछ को लगता है कि इसका खास असर नहीं पड़ेगा।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और रेलवे यात्रियों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय बढ़े हुए किराए को ध्यान में रखना होगा।