लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- लखनऊ का बहुचर्चित लुलु मॉल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सूत्रों के अनुसार मॉल पर भारी टैक्स बकाया होने के कारण प्रशासन द्वारा सीलिंग की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि मॉल प्रबंधन लंबे समय से टैक्स की राशि जमा करने में असमर्थ है, जिससे नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
चर्चा यह भी है कि लुलु मॉल की स्थापना में निवेशकों के पैसों का बड़ा हिस्सा लगाया गया था। शुरुआती दौर में मॉल को लेकर बड़े दावे किए गए थे कि यह न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा बल्कि लखनऊ को एक आधुनिक शॉपिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगा। हालांकि अब वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टैक्स बकाया रहने से प्रशासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। नियमों के अनुसार यदि निर्धारित समय सीमा में टैक्स का भुगतान नहीं किया जाता है, तो सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
मॉल में काम करने वाले दुकानदारों और कर्मचारियों में भी चिंता का माहौल है। यदि मॉल सील होता है, तो सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। दुकानदारों का कहना है कि वे नियमित रूप से किराया और अन्य शुल्क दे रहे हैं, ऐसे में प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा उन्हें क्यों भुगतना पड़े।
वहीं निवेशकों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्हें डर है कि यदि मामला लंबा खिंचता है तो उनके निवेश पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन बेहद जरूरी होता है।
अब सबकी नजर प्रशासन और मॉल प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है। अगर समय रहते टैक्स का भुगतान नहीं हुआ, तो लखनऊ के इस प्रतिष्ठित मॉल पर ताला लगना तय माना जा रहा है।