Medical Services शिमला:- हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में एक डॉक्टर को एक मरीज के साथ मारपीट के आरोप में बर्खास्त किए जाने के विरोध में डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू की है।
डॉक्टरों का आरोप है कि बर्खास्त किए गए डॉक्टर रघव नरूला के साथ अन्याय हुआ है और उनकी बर्खास्तगी को वापस लिया जाना चाहिए। डॉक्टरों ने कहा कि वे तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं।हड़ताल के कारण आईजीएमसी और अन्य सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं और केवल आपातकालीन सेवाएं ही उपलब्ध हैं। मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डॉक्टरों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है और कहा है कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का सम्मान किया जाएगाहिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने कहा है कि सरकार डॉक्टरों की मांगों पर विचार कर रही है और जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं और मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।