नई दिल्ली :- राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में स्मॉग और घने कोहरे ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। कड़ाके की ठंड के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार सुबह दिल्ली का एक्यूआई चार सौ दो दर्ज किया गया जो गंभीर श्रेणी में आता है। इससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है और प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।
सुबह के समय घना कोहरा और स्मॉग छाए रहने के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई। वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही और जाम की स्थिति बन गई। खासतौर पर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। पुलिस ने भी लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।
खराब दृश्यता का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने और उतरने वाली कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। कुछ उड़ानों में देरी हुई तो कुछ को अस्थायी रूप से रोका गया। यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा जिससे असुविधा बढ़ गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो जाते हैं। वाहनों का धुआं निर्माण कार्य और आसपास के राज्यों में पराली जलाने जैसी गतिविधियां स्थिति को और बिगाड़ देती हैं। बच्चों बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति खास तौर पर खतरनाक मानी जा रही है।
डॉक्टरों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। मास्क पहनने और घर के अंदर रहने को बेहतर विकल्प बताया जा रहा है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
प्रशासन ने प्रदूषण कम करने के लिए पहले से लागू प्रतिबंधों की सख्ती से निगरानी शुरू कर दी है। निर्माण गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कुल मिलाकर दिल्ली एनसीआर में हवा की हालत गंभीर बनी हुई है। जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता तब तक लोगों को सतर्क रहना होगा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी।