लेंसकार्ट का बहुप्रतीक्षित आईपीओ पिछले सप्ताह निवेशकों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना रहा था क्योंकि यह आईपीओ 28.3 गुना सब्सक्राइब हुआ जिससे बाजार में उत्साह की लहर दौड़ गई थी। खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों तक सभी को उम्मीद थी कि लेंसकार्ट की लिस्टिंग शानदार होगी और उन्हें बेहतरीन लिस्टिंग गेन मिलेगा। लेकिन लिस्टिंग से ठीक पहले ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों की कीमत में आई भारी गिरावट ने इस जोश को ठंडा कर दिया है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी में अचानक आई गिरावट यह संकेत दे रही है कि निवेशकों की लिस्टिंग डे पर मुनाफे की उम्मीद अब पहले जैसी नहीं रही। जानकारों का कहना है कि शुरुआती चरण में जीएमपी करीब 180 रुपये के प्रीमियम पर था लेकिन अब यह घटकर महज 20 से 25 रुपये रह गया है जिससे यह साफ है कि बाजार में आईपीओ को लेकर धारणा कमजोर हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार लेंसकार्ट की वैल्यूएशन को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे क्योंकि कंपनी अब तक मुनाफे में नहीं आ पाई है और उसका बिजनेस मॉडल अभी भी विस्तार के चरण में है। इसके बावजूद निवेशकों ने कंपनी के ब्रांड नाम और तेजी से बढ़ते ऑप्टिकल मार्केट पर भरोसा जताया था। अब जब ग्रे मार्केट में प्रीमियम ध्वस्त हुआ है तो यह संकेत है कि लिस्टिंग के दिन कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रह सकता है।
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दीर्घकालिक दृष्टि से लेंसकार्ट एक मजबूत ब्रांड है और अगर कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर सही दिशा में काम करती है तो आगे चलकर निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिल सकता है लेकिन फिलहाल लिस्टिंग डे पर सावधानी बरतना ही समझदारी होगी।